दुर्ग।एक मूकबधिर महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने इशारों में अपने साथ हुई घटना के बारे में उसे बताया, लेकिन पति उसकी बातों को समझ न सका। दंपति जब पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस भी महिला के मूक-बधिर होने के कारण उसकी बातों को न समझ सकी और आरोपियों के खिलाफ केवल अपहरण का ही केस दर्ज किया। इस मामले में गुरुवार को जब महिला के मजिस्ट्रेट के सामने बयान हुए तो वह भी उसकी बातों को नहीं समझ पाए। इस पर साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट को बुलाकर पीड़िता के बयान लिए गए। इसमें पीड़िता ने उसके साथ दुष्कर्म होने की बात बताई। महिला के बयान पर मजिस्ट्रेट ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म की धारा जोड़ने के आदेश दिए। पुलिस इस मामले में आरोपी की तलाश कर रही है।
- दामादपारा उरला निवासी मूकबधिर 25 वर्षीय विवाहिता का 24 जून को क्षेत्र में ही रहने वाले छगन लाल (50) और दीपक महारा (35) ने अपहरण कर लिया था। महिला की गुमशुदगी उसके पति ने माेहन नगर थाने में दर्ज कराई थी। इस दौरान एक सप्ताह तक दीपक ने महिला से दुष्कर्म किया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छुटकर महिला अपने घर आ गई। महिला के मूकबधिर होने के कारण वह अपने पति को घटना के बारे में ठीक से नहीं बता सकी। दंपति ने पुलिस थाने पहुंचकर भी घटना की जानकारी दी।
इसमें पुलिस की लापरवाही
- मामले में जब पुलिस ने पीड़िता का कथन लिया तो कोई भी उस मूकबधिर की बातों को समझने वाला वहां मौजूद नहीं था। इसके चलते आरोपियों पर बलात्कार की धाराएं नहीं लगी। गुरुवार को न्यायालय में जब पीड़िता का कलमबद्ध बयान (164 का बयान) हुआ तो मजिस्ट्रेट भी उसकी बातों को समझ नहीं सके। इस पर साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट को वहां बुलाया गया। उसने महिला की बातों को समझकर मजिस्ट्रेट को घटना के बारे में बताया। इसके बाद न्यायालय में दर्ज हुए बयान के आधार पर मोहन नगर पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया और केस में पहले दर्ज हुई धारा 366, 498, 34 के साथ 376 भी जोड़ी।
नहीं पकड़ाया आरोपी
- मामले में मोहन नगर पुलिस ने उरला निवासी छगन लाल (50) को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं मुख्य आरोपी दीपक महारा (35) अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है। पुलिस ने शुक्रवार को कई स्थानों पर दबिश देकर आरोपी को ढूंढती रही।
टीआई की लापरवाही है
- ये थाना प्रभारी की लापरवाही और ज्ञान का अभाव है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। विजय पांडेय, एडिशनल एसपी, दुर्ग
Comment Now