भिंड। गुरु पूर्णिमा पर इस बार सदी का सबसे लंबे समय तक रहने वाला चन्द्र ग्रहण पड़ेगा। ग्रहण काल 3 घंटे 54 मिनट का होगा। ग्रहण का सूतक दोपहर के समय लग जाने से इस दिन दोपहर तक ही गुरु भक्त गुरु पूजन कर सकेंगे। ग्रहण का विभिन्न राशियों पर अच्छा व बुरा प्रभाव होगा। मकर राशि के नक्षत्र में ग्रहण होने के कारण इस राशि वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।
पंडित अनिल गोस्वामी के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा जिसे गुरुपूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है को सदी का सबसे लंबा चन्द्र ग्रहण होगा। ग्रहण का स्पर्श 27 जुलाई को रात 11.55 बजे से शुरू हो जाएगा। मध्य रात 1.52 मिनट पर व मोक्ष 3.49 मिनट पर होगा। यानि ग्रहण काल 3 घंटे 54 मिनट का होगा। ग्रहण का सूतक दोपहर 2.55 मिनट पर लग जाएगा। बता दें कि सूतक लगने के साथ ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। मूर्ति स्पर्श सहित पूजा पर भी प्रतिबंध रहता हैं। इस दौरान जप पाठ किए जा सकते हैं।
ग्रहण का यह प्रभाव
पंडित गोस्वामी के अनुसार सेना नायक, मंत्री, कथा वाचक, पंडित,उद्योगपति तथा प्रशासक समुदाय के लोगों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है। व्यापारियों को सुपारी, गुड़, तेल लाल रंग की वस्तु, चावल, सोना, घी आदि के व्यापार में लाभ होगा।
मिथुन, तुला, मकर व कुंभ राशि के लिए अच्छा नहीं
ग्रहण उत्तराषाढ़ा व श्रवण नक्षत्र में है। यह नक्षत्र मकर राशि के है। इसलिए मकर राशि वालों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है। शेष मेष, सिंह, वृश्चिक, मीन राशि वालों के लिए ग्रहण सुखद रहेगा। वृष, कर्क, कन्या व धनु राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। मिथुन, तुला, मकर व कुंभ राशि वालों के लिए कम फलदायी होगा।
ग्रहण के दौरान मंत्र जाप करें, कुछ खाए नहीं
पंडित गोस्वामी के अनुसार ग्रहण के दौरान मंत्र जप, पाठ करना शुभ होता है। ग्रहण के बाद विभिन्न वस्तुओं का दान करने से ग्रह शांत होते हैं। ग्रहण काल के दौरान कुछ खाएं नहीं। किसी भी नुकीली वस्तु का उपयोग न करें। गर्भवती महिलाएं घर से बाहर ने निकलें।
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