प्रदेश में सरकारी स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण को रोकने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत निर्देश जारी किये हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि जिन सरकारी स्कूलों में बाउण्ड्री-वॉल की राशि मंजूर नहीं है, वहाँ तार फेन्सिंग करवाकर सरकारी स्कूल की जमीन को सुरक्षित किया जाए। बाउण्ड्री-वॉल केवल पक्की दीवार की ही नहीं, बल्कि विकल्प के तौर पर वृक्षारोपण और वायर फेन्सिंग के माध्यम से भी करवाई जा सकती है।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने सरकारी स्कूलों के पहुँच मार्ग को प्राथमिकता के साथ सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम की शाला उपकर राशि शाला विकास में ही व्यय की जाए। जिन शालाओं में निर्माण के कार्य अधूरे हैं, उनकी नियमित समीक्षा कर उन्हें तय समय-सीमा में पूरा करवाया जाए। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से निर्माण कार्यों में देरी हुई है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल परिसर में साफ-साफाई, विशेषकर शौचालयों की मरम्मत और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। ज्ञातव्य है कि प्रदेश में 83 हजार 890 प्रायमरी और 30 हजार 341 सरकारी मीडिल स्कूल हैं।
मुकेश मोदी
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