देशभर में ओटीपी फ्रॉड के लिए कुख्यात झारखंड के जामताड़ा से कुछ दूरी पर स्थित नारायणपुर और देवघर से दसवीं पास और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जामताड़ा माड्यूल को ट्रेस करते हुए भोपाल क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बैंक मैनेजर और पेटीएम का अधिकारी बताते थे।
एक बैंक अधिकारी बनकर लोगों के खाते का केवाईसी अपडेट करने के नाम पर ओटीपी पूछकर उनके खाते से रकम निकाल लेता था तो दूसरा पेटीएम की केवाईसी अपडेट करने के नाम पर रकम अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर लेता था। दोनों आरोपी सैकड़ों लोगों से इस तरह की ठगी कर चुके हैं।
पहला मामला- भोपाल में अगस्त का है, जहां पर देव सिंह ने क्राइम ब्रांच में ठगी की शिकायत की, जिसके अनुसार, आरोपी ने बैंक अधिकारी बनकर देव सिंह से उनके बैंक एकाउंट और डिटेल पूछी और ओटीपी पूछकर एकाउंट से 21 हजार रुपए निकाल लिए।
क्राइम ब्रांच भोपाल ने केस दर्ज कर जाचं की तो पता चला कि आरोपी गुलशन कुमार यादव ने फर्जी अकाउंट से होकर रोजरपे और इक्विटस स्मॉल फाइनेंस बैंक के फर्जी एकाउंट से होकर आरोपी एकाउंट में पैसे भेजे गए हैं। आरोपी गुलशन को उसके गांव जरुआ डीह थाना सोनाराय जिला देवघर से गिरफ्तार किया गया है। 19 वर्षीय आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता है।
दूसरा मामला- मामला फरवरी का है। इसमें पेटीएम केवाईसी अपडेट करने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी जितेंद्र मंडल को नारायणपुर जामताड़ा से भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भोपाल कस्तूरबा नगर निवासी डॉक्टर हीरालाल साहू ने शिकायत की थी।
उन्होंने बताया था कि मोबाइल पर एसएमएस कर पेटीएम केवाईसी अपडेट करने को कहा गया। जब फोन लगाया गया तो उनसे क्विक सपोर्ट ऐप अपलोड कराकर उनके अकाउंट से पेटीएम के माध्यम से 39 हजार 794 की रकम निकाल ली गई। जब पुलिस ने इसकी जांच पड़ताल शुरू की तो आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोपी जितेंद्र मंडल 21 साल का है और दसवीं पास है।
Comment Now