अष्टमी , आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी सहित सार्वजनिक पूजा पंडालों व देवालयों में सुबह से देर-शाम तक पूजन के बाद हवन किया गया।
नवमी और विजया दशमी पर असमंजस है। ज्योतिषियों ने कहा कि नवमी और विजयादशमी रविवार को एक साथ मनेगी। सुबह 11.14 बजे तक नवमी है। फिर 11.15 बजे से दिनभर दशमी होगी। रविवार को सुबह कन्या भोज के साथ माता की विदाई होगी। दोपहर में शस्त्र पूजन और रात को रावण वध होगा। श्यामतराई, कलारतराई, काेलियारी, माेखा, खरतुली, लिमतरा सहित आसपास के गांवों में दशहरा उत्सव 26 अक्टूबर को मनाएंगे।
विंध्यवासिनी समेत अन्य मंदिरों में हवन-पूजन
शारदीय नवरात्र के 8वें दिन अष्टमी पर शहर समेत जिलेभर के देवी मंदिरों में हवन-पूजन हुआ। शहर की आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी मंदिर, गंगरेल की मां अंगारमोती सहित अन्य देवी मंदिरों में माता के दर्शन करने भीड़ लगी रही।
9 कन्या भोज कराया गया। देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए रुद्री बैराज में तैयारी की गई है। बड़ी मूर्तियों को क्रेन से विसर्जन किया जाएगा। पूजा सामान विसर्जन के लिए कुंड बनाया गया है।
कानून व्यवस्था बनाने अफसरों को जिम्मेदारी
विवार को दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन और दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। कोरोना काल में कानून व्यवस्था संभालने कलेक्टर जेपी मौर्य ने अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है।
शहर के गोशाला मैदान में एसडीएम मनीष मिश्रा, तहसीलदार ज्योति मसियारे, नायब तहसीलदार राहुल शर्मा और चंद्रकुमार साहू को व कुरूद में एसडीएम योगिता देवांगन, नगरी में एसडीएम सुनील शर्मा की ड्यूटी लगी है। सभी अफसर कानून व्यवस्था बनाए रखेंगे।
5 मिनट की रामलीला फिर रावण का दहन
नगर निगम द्वारा 25 अक्टूबर को गोशाला मैदान में विजयादशमी उत्सव मनाया जाएगा। कोरोना ने इस बार रावण के बढ़ते पुतले के कद छोटा कर दिया है।
इस साल करीब 10 फीट रावण के पुतले का दहन होगा। रामलीला का मंचन केवल 5 मिनट का है। भीड़ न बढ़े इसलिए 50 लोगों को ही प्रवेश मिलेगा।
नगर निगम गोशाला मैदान को चारों ओर से बैरिकेड्स लगाए हैं। शहर के गली-मोहल्लों में छोटे-छोटे बच्चे अपने दोस्तों के साथ रावण का पुतला बनाने में जुटे हैं। कुरूद में भी सादगीपूर्वक दशहरा उत्सव मनाया जाएगा।
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