राज्य में 12 अगस्त से 14 अगस्त तक चल रहे स्पेशल ड्राइव के अलावा सरकार ने चार प्रमुख शहरों में कोरोना जांच का स्पेशल ड्राइव चलाने का फैसला किया है। ये ड्राइव 17 व 18 अगस्त को चलाये जायेंगे। इस दौरान रांची, जमशेदपुर, धनबाद व पलामू के शहरी क्षेत्र में जांच अभियान चलेगा। दो दिनों में कुल 40 हजार सैंपल की जांच की जानी है। हालांकि ये जांच रैपिड एंटीजेन टेस्ट के जरिये होगा। प्रत्येक शहर में 10-10 हजार जांच होंगे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉक्टर नितिन कुलकर्णी ने बताया कि इन चार शहरों में ज्यादा केस आ रहे हैं। जिसके कारण सरकार ने रैपिड एंटीजेन टेस्ट कराने का फैसला किया है. ताकि जल्द से जल्द पॉजिटिव की पहचान हो सके. जितना जल्द पॉजिटिव की पहचान होगी उतना ही जल्द कोरोना के चेन को तोड़ा जा सकता है. इसकी तैयारी करने का निर्देश सभी जिला प्रशासन को दे दिया गया है.
स्वास्थ्य सचिव का निर्देश- अफसर गाड़ियों में एसी न चलाएं, शीशे खुले रखें
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कोरोना से बचाने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अधिकारी गाड़ियों में एसी का उपयोग न करें। शीशे खुले रखें। मास्क जरूरी लगाएं। अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों की समीक्षा करें और जरूरत के हिसाब से ही कर्मचारी तैनात करें। कोई भी लक्षण दिखते पर तत्काल आइसोलेट करें। स्वास्थ्य सचिव नितिन कुलकर्णी ने कहा कि अफसरों के यहां कर्मचारी छोटे बैरक में रहते हैं। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि अफसरों के यहां कार्यरत कर्मचारी संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए इन निर्देशों का पालन जरूरी है।
पिछले 10 दिनों में 7730 मरीज ठीक हुए
झारखंड में कोरोना के बढ़ते कहर के बीच एक अच्छी खबर है। राज्य में रिकवरी रेट में सुधार हुआ है। यह 35.5 फीसदी से बढ़कर 62.11 फीसदी पर पहुंच गया है। राज्य में अब तक 20 हजार से अधिक मरीज मिले हैं, जिनमें से 13,013 मरीज ठीक हो चुके हैं। इनमें से 8 हजार सिर्फ 10 दिन में ठीक हुए हैं। इन 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो रिकवरी रेट 100 फीसदी से ज्यादा रही। तीन अगस्त से 12 अगस्त तक 7410 मरीज मिले तो 7730 ठीक भी हुए। यानी 104 फीसदी।
अब एक्टिव केस की संख्या घटकर 7728 हो गई है, जो तीन अगस्त को 9500 के पास थी। इस दौरान संक्रमण की रफ्तार भी कम रही। आईडीएसपी के अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में रिकवरी रेट और बेहतर होने की उम्मीद है। राज्य में संक्रमण दर में भी गिरावट आ रही है। पिछले एक सप्ताह में संक्रमण दर 5.99 से घटकर 5.34 पर पहुंच गई है। अब 10 में से करीब छह मरीज ठीक हो चुके हैं। रिकवरी रेट सुधरने से अस्पतालों में बेड भी खाली हो रहे हैं। आईडीएसपी के अधिकारियों के मुताबिक जुलाई में रिकवरी रेट कम रही क्योंकि मामले तेजी से बढ़े।
राज्य के सभी 24 जिलों में पहुंच चुका है कोरोना संक्रमण
राज्यभर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 274 है जबकि राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 20,950 है। इनमें बोकारो के 534, चतरा के 452, देवघर के 725, धनबाद के 1391, दुमका के 206, पूर्वी सिंहभूम के 3499, गढ़वा के 707, गिरिडीह के 1070, गोड्डा के 611, गुमला के 490, हजारीबाग के 943, जामताड़ा के 172, खूंटी के 395, कोडरमा के 767, लातेहार के 508, लोहरदगा के 333, पाकुड़ के 337, पलामू के 907, रामगढ़ के 663, रांची के 3996, साहेबगंज के 365, सरायकेला के 530, सिमडेगा के 730 और पश्चिमी सिंहभूम के 629 मरीज शामिल हैं।
राज्य में अब तक 13,013 मरीज हो चुके हैं स्वस्थ
राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों में कुल 13,013 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें बोकारो के 351, चतरा के 335, देवघर के 521, धनबाद के 944, दुमका के 117, पूर्वी सिंहभूम के 1609, गढ़वा के 534, गिरिडीह के 954, गोड्डा के 547, गुमला के 336, हजारीबाग के 624, जामताड़ा के 121, खूंटी के 101, कोडरमा के 464, लातेहार के 322, लोहरदगा के 252, पाकुड़ के 306, पलामू के 513, रामगढ़ के 480, रांची के 2177, साहेबगंज के 177, सरायकेला के 229, सिमडेगा के 525 और पश्चिमी सिंहभूम के 474 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
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