उप्र / सपा ने कहा- महागठबंधन तो होगा लेकिन किसके साथ, यह माया-अखिलेश तय करेंगे
Tue, Jan 1, 2019 9:11 PM
- सपा-बसपा-कांग्रेस साथ लड़े तो 2014 की स्थिति के हिसाब से 60 सीटों पर डाल सकते हैं असर
- कांग्रेस को छोड़कर सपा-बसपा भी साथ चुनाव लड़े तो 53 सीटों पर पड़ सकता है असर
- उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटें, 2014 में भाजपा गठबंधन ने 73 सीटें जीती थीं
लखनऊ. समाजवादी पार्टी नेता राम गोपाल यादव ने 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के संकेत दिए। रामगोपाल ने कहा- सभी जानते हैं कि महागठबंधन बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा सबसे ज्यादा अहम हैं। अखिलेशजी और मायावतीजी तय करेंगे कि किसके साथ महागठबंधन किया जाएगा।
2018 में भाजपा को सपा-बसपा से नुकसान
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा ने सपा उम्मीदवार को वोट देने की अपील की। कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार को सपा-बसपा और कांग्रेस ने समर्थन दिया। तीनों जगहों पर भाजपा को हार मिली।
2019 के आसार
सपा-बसपा-रालोद या फिर सपा-बसपा-कांग्रेस-रालोद के बीच गठबंधन हो सकता है। अगर विपक्षी साथ आते हैं तो 2014 की स्थिति के हिसाब से भाजपा को 53 सीटों का नुकसान हो सकता है।
| पार्टी |
2014 में सीटें |
2019 में सपा-बसपा-कांग्रेस-रालोद साथ लड़े तो |
कांग्रेस अलग लड़ी तो |
| भाजपा+ |
73 |
20 |
25 |
| सपा |
05 |
60 |
53 |
| कांग्रेस |
02 |
00 |
| बसपा |
00 |
02 |
उदाहरण से समझिए कैसे पलट सकते हैं नतीजे
- 2014 में वरुण गांधी 410,348 वोट पाकर सुल्तानपुर सीट से जीते। बसपा के पवन पांडे को 2,31,446 वोट जबकि सपा के शकील अहमद को 2,28,144 वोट मिले। अगर 2019 में दूसरे नंबर पर रही बसपा अपना उम्मीदवार उतारती है और सपा के वोट बसपा उम्मीदवार को ट्रांसफर हो जाते हैं तो वोटों का आंकड़ा 4,59,590 हो जाएगा। यह वरुण गांधी को मिले वोटों से ज्यादा होगा।
- सुल्तानपुर में कांग्रेस की अमिता सिंह 41,983 वोट पाकर चौथे नंबर पर रही थीं। उनके वोट जोड़ने पर विपक्ष का आंकड़ा 5 लाख से ज्यादा पहुंच जाता है।
- मिर्जापुर से जीतीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को भी 2014 में सपा-बसपा और कांग्रेस को मिले कुल वोट से कम वोट मिले थे।
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